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क़िब्ला-ओ-काबा-ए-ईमान रसूल-ए-अरबी / Qibla-o-Kaba-e-Iman Rasool-e-Arabi

क़िब्ला-ओ-का'बा-ए-ईमान, रसूल-ए-'अरबी ! दो जहाँ आप पे क़ुर्बान, रसूल-ए-'अरबी ! चाँद हो तुम जो रसूलान-ए-सलफ़ तारे हैं सब नबी दिल हैं तो तुम जान, रसूल-ए-'अरबी ! सदक़ा हसनैन का रौज़े पे बुला लो मुझ को हिन्द में हूँ मैं परेशान, रसूल-ए-'अरबी ! किस की मुश्किल में तेरी ज़ात न आड़े आई तेरा किस पर नहीं एहसान, रसूल-ए-'अरबी ! कोई बेहतर है तो बेहतर से भी बेहतर तू है सब से आ'ला है तेरी शान, रसूल-ए-'अरबी ! कोई बेहतर है तो बेहतर से भी बेहतर तुम हो सब से आ'ला है तेरी शान, रसूल-ए-'अरबी ! तेरा दीदार है दीदार-ए-इलाही मुझ को तेरी उल्फ़त मेरा ईमान, रसूल-ए-'अरबी ! मज्मा'-ए-हश्र में इस शान से आए बेदम हाथ में हो तेरा दामान, रसूल-ए-'अरबी ! तेरा ही 'इश्क़ है ईमान, रसूल-ए-'अरबी ! बल्कि ईमान की है जान, रसूल-ए-'अरबी ! किस को हासिल तेरा इरफ़ान, रसूल-ए-'अरबी ! वस्फ़ जब करता है रहमान, रसूल-ए-'अरबी ! क़ुदसियों ने रुख़-ए-ज़ेबा का तसद्दुक़ पाया 'अर्श पर जब हुए मेहमान, रसूल-ए-'अरबी ! अर्ज़-ए-तयबा से चली झूम के जब बाद-ए-नसीम ...

अँगूठी ले के आए हैं नगीना छोड़ आए हैं / Anguthi Le Ke Aaye Hain Nagina Chhod Aaye Hain

अँगूठी ले के आए हैं, नगीना छोड़ आए हैं बहुत पछता रहे हैं जो मदीना छोड़ आए हैं मुझे मा'लूम है ख़ुश्बू कहाँ से आई फूलों में मेरे सरकार गुलशन में पसीना छोड़ आए हैं बचाने के लिए कर्ब-ओ-बला में दीन की 'अज़मत हुसैन इब्न-ए-'अली हज का महीना छोड़ आए हैं ये सूरज, चाँद, तारे इस लिए अब तक चमकते हैं शह-ए-बतहा वहाँ ख़ाक-ए-मदीना छोड़ आए हैं ना'त-ख़्वाँ: अब्दुल वकील मुबारकपुरी angooThi le ke aae hai.n, nageena chho.D aae hai.n bahut pachhta rahe hai.n jo madina chho.D aae hai.n mujhe maa'loom hai KHushboo kahaa.n se aai phoolo.n me.n mere sarkaar gulshan me.n paseena chho.D aae hai.n bachaane ke liye karb-o-bala me.n deen ki 'azmat husain ibn-e-'ali haj ka mahina chho.D aae hai.n ye sooraj, chaand, taare is liye ab tak chamakte hai.n shah-e-bat.ha wahaa.n KHaak-e-madina chho.D aae hai.n Naat-Khwaan: Abdul Wakil Mubarakpuri Anguthi Leke Aaye Hain Nagina Chod Aaye Hain Lyrics | Anguthi Leke Aaye Hain Nagina Chod Aaye Hain Lyrics in Hindi | A...

सिदरा से भी आगे कौन गया जिब्रील-ए-अमीं से पूछो / Sidra Se Bhi Aage Kaun Gaya Jibreel-e-Ameen Se Poochho

सिदरा से भी आगे कौन गया ? जिब्रील-ए-अमीं से पूछो मे'राज का दूल्हा कौन बना ? जिब्रील-ए-अमीं से पूछो क्या है तौक़ीर-ए-शाह-ए-उमम, इंसान से हो पाए न रक़म क्या फ़र्श-ए-ज़मीं, क्या 'अर्श-ए-बरीं, सब हैं आक़ा के ज़ेर-ए-क़दम सुल्तान-ए-मदीना का रुत्बा जिब्रील-ए-अमीं से पूछो सिदरा से भी आगे कौन गया ? जिब्रील-ए-अमीं से पूछो मे'राज का दूल्हा कौन बना ? जिब्रील-ए-अमीं से पूछो जिब्रील से रब ने फ़रमाया, जन्नत की सवारी ले कर जा महबूब से ये जा कर कह दे, अब आ के करें वो सैर ज़रा फिर कैसे हुई ता'मील ज़रा जिब्रील-ए-अमीं से पूछो सिदरा से भी आगे कौन गया ? जिब्रील-ए-अमीं से पूछो मे'राज का दूल्हा कौन बना ? जिब्रील-ए-अमीं से पूछो हैं महव-ए-राहत शाह-ए-दीं, शश-ओ-पंज में हैं जिब्रील-ए-अमीं बेदार करें कैसे शह को, हो जाए कहीं न बे-अदबी ता'ज़ीम-ए-नबी होती है क्या ? जिब्रील-ए-अमीं से पूछो सिदरा से भी आगे कौन गया ? जिब्रील-ए-अमीं से पूछो मे'राज का दूल्हा कौन बना ? जिब्रील-ए-अमीं से पूछो पास आ के रसूल-ए-आ'ज़म के पाँव की जानिब खड़े हुए ता'ज़ीम बजा लाए पहले फिर पाँव पे नूरी लब रख के...

ढूँढते ढूँढते इस दहर में थक जाओगे / Dhoondhte Dhoondhte Is Dahr Mein Thak Jaaoge

ढूँढते ढूँढते इस दहर में थक जाओगे ऐसा मुर्शिद न ज़माने में कहीं पाओगे जब कभी शहर-ए-बरेली की तरफ़ जाओगे उन के रौज़े पे मदीने की हवा पाओगे वो वली इब्न-ए-वली हैं, वो सख़ी इब्न-ए-सख़ी उन के दरबार से ख़ाली न कभी आओगे आँसूओ ! अब मेरी आँखों ही में रहना सीखो दामन-ए-मुफ़्ती-ए-आ'ज़म न कहीं पाओगे आँसूओ ! अब मेरी आँखों ही में रहना सीखो दामन-ए-ताज-ए-शरी'अत न कहीं पाओगे मेरी रोती हुई आँखों ने पुकारा है तुम्हें ए मेरे शैख़ ! मेरे ख़्वाब में कब आओगे क्या मेरे घर की उदासी न कभी जाएगी ? क्या ग़रीबों के यहाँ अब न कभी आओगे ? कौन सुनता है यहाँ राज़ फ़ुग़ानी दरवेश दिल-ए-बेताब लिये किस की तरफ़ जाओगे ना'त-ख़्वाँ: अब्दुल वकील मुबारकपुरी सय्यिद कैफ़ी अली मुहम्मद सादिक़ रज़वी DhoonDhte DhoonDhte is dahr me.n Thak jaaoge aisa murshid na zamaane me.n kahi.n paaoge jab kabhi shahr-e-bareli ki taraf jaaoge un ke rauze pe madine ki hawa paaoge wo wali ibn-e-wali hai.n, wo saKHi ibn-e-saKHi un ke darbaar se KHaali na kabhi aaoge aansuo ! ab meri aankho.n hi me.n rehna seekho daaman-e-m...